- कमाई बढ़ी लेकिन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी बजाज फाइनेंस
- Q4 नतीजे जारी होते ही शेयर में बिकवाली का दबाव
- हाई वैल्यूएशन बना नुकसान की वजह, निवेशकों ने किया मुनाफा वसूली
मुंबई। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के नतीजों के बाद बजाज फाइनेंस के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार, 30 अप्रैल को दोपहर 12:25 बजे कंपनी का शेयर 5.5% टूटकर ₹8,605 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। नतीजों में मुनाफे में 17% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह बाजार की उम्मीदों से कम रही, जिससे निवेशकों में निराशा देखी गई।
चौथी तिमाही के आंकड़े:
बजाज फाइनेंस ने मंगलवार, 29 अप्रैल को Q4FY25 के नतीजे जारी किए।
-
कुल आय: ₹18,469 करोड़ (वर्ष-दर-वर्ष 24% की वृद्धि)
-
ऑपरेशन से रेवेन्यू: ₹18,457 करोड़
-
शुद्ध मुनाफा: ₹4,480 करोड़ (वर्ष-दर-वर्ष 17% की वृद्धि)
गिरावट की प्रमुख वजहें:
-
प्रॉफिट ग्रोथ उम्मीद से कम:
कंपनी का मुनाफा भले ही 17% बढ़ा हो, लेकिन बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों से यह काफी नीचे रहा, जिससे निवेशकों में बेचैनी आई। -
NPA में बढ़ोतरी:
तिमाही के दौरान बजाज फाइनेंस का ग्रॉस NPA 1.12% से घटकर 0.96% रहा, लेकिन लोन रिकवरी में चुनौती बनी रही, जिससे प्रदर्शन पर असर पड़ा। -
हाई वैल्यूएशन का दबाव:
28 अप्रैल को कंपनी का P/E रेश्यो 38.38 था, जो सेक्टर के औसत 30.79 से ज्यादा है। हाई वैल्यूएशन की वजह से छोटी गलती पर भी शेयर में करेक्शन की गुंजाइश बढ़ जाती है। -
रेगुलेटरी और कॉम्पिटिटिव दबाव:
RBI द्वारा नवंबर 2023 में इंस्टा EMI कार्ड और ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन्स पर रोक लगाई गई थी, जिसका असर कंपनी के कुछ सेगमेंट्स की ग्रोथ पर पड़ा। साथ ही, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ज्यादा फंडिंग कॉस्ट ने मार्जिन को प्रभावित किया।
शेयर का प्रदर्शन:
-
आज का क्लोजिंग: ₹9,105 (0.13% की बढ़त)
-
पिछले 5 दिन: 1.2% गिरावट
-
1 महीने में: 5% की तेजी
-
6 महीने में: 30% का रिटर्न
-
1 साल में: 33% का उछाल
-
मार्केट कैप: ₹5.64 लाख करोड़
निष्कर्ष:
बजाज फाइनेंस ने तिमाही में अच्छा प्रदर्शन दिखाया, लेकिन हाई वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की अपेक्षाओं से कम मुनाफा बढ़ोतरी ने निवेशकों की भावनाओं को चोट पहुंचाई। आगे कंपनी को रेगुलेटरी और प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों से निपटना होगा ताकि ग्रोथ ट्रैक पर बनी रहे।








