- भारत की सटीक एयर स्ट्राइक ने पाकिस्तान के रक्षा ढांचे को चौंका दिया
- ओवैसी ने पाकिस्तान की तैयारियों पर तंज करते हुए उठाया बड़ा सवाल
- क्या पाकिस्तान के फाइटर प्लेनों का सामना कर पाएगा रहीम यार खान एयरबेस?
हैदराबाद । 12 मई को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के रहीम यार खान एयरबेस पर सटीक हमला किया, जिससे रनवे को गंभीर नुकसान पहुँचा। इसके बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर व्यंग्य कसते हुए पूछा, “क्या वे चीन से लीज पर लिए गए अपने फाइटर प्लेन को इस क्षतिग्रस्त एयरबेस पर उतार पाएंगे?”
सोशल मीडिया पर तूफानी रिएक्शन
ओवैसी के इस बयान पर नेटिजन्स की प्रतिक्रियाएँ खूब वायरल हो रही हैं। किसी ने लिखा— “इफ्तार पार्टी मेरी तरफ से!”, तो किसी ने कहा— “ओवैसी साहब, एक ही दिल है, कितनी बार जीतोगे?” एक यूजर ने तो यहाँ तक लिखा— “ओवैसी को बंगाल का मुख्यमंत्री बना दो!”
एयरबेस पर क्या हुआ?
वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि भारत ने रहीम यार खान एयरबेस (जिसे शेख जायद एयरबेस भी कहा जाता है) के रनवे पर सटीक निशाना लगाया, जिससे बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बन गया। पाकिस्तान ने नुकसान तो स्वीकार किया, लेकिन दावा किया कि यहाँ से कोई ड्रोन लॉन्च नहीं हुआ था। यह एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है और सैन्य व नागरिक उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है।
“पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी” – ओवैसी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ओवैसी लगातार पाकिस्तान को घेर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान को “फेल स्टेट” बताते हुए कहा— “अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया जाए। बातों से कुछ नहीं होगा, निर्णायक जवाब देना होगा।”
उन्होंने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते हुए कहा— “पाकिस्तान के आतंकी ढाँचे को पूरी तरह तबाह कर देना चाहिए। पहलगाम हमला पाकिस्तान प्रायोजित था और उसकी इनकार की नीति अब नहीं चलेगी।”
“इस्लाम के नाम पर आतंक फैला रहा है पाकिस्तान”
ओवैसी ने आगे कहा कि पाकिस्तान “इस्लाम के नाम पर आतंक फैला रहा है”, लेकिन भारतीय मुसलमान द्विराष्ट्र सिद्धांत को खारिज करते हैं और भारत की एकता व संविधान में विश्वास रखते हैं। उन्होंने पाकिस्तान से सवाल किया— “ईरान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान में मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर आप क्यों चुप हैं?”
इस घटना के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, और दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।








