- जनपद न्यायालय परिसर में लगी 18 खंडपीठों ने निभाई अहम भूमिका
- वैवाहिक, पॉक्सो व एससी/एसटी मामलों में भी हुआ त्वरित निस्तारण
- मोटर वाहन अधिनियम के मामलों में वसूले गए लाखों रुपये
अम्बेडकरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर, पारिवारिक न्यायालय तथा पुरानी कचहरी अकबरपुर में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुई। विभिन्न न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 50,714 वादों का समाधान किया गया।
जनपद न्यायालय परिसर में 18 खंडपीठों के माध्यम से मामलों की सुनवाई की गई। पारिवारिक न्यायालय में तीन वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। एससी/एसटी अदालत ने एक मामले में 500 रुपये, जबकि पॉक्सो अदालत ने दो मामलों में 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। अपर जिला जज त्वरित प्रथम ने तीन मामलों में कुल 2,000 रुपये का दंड सुनाया।
एमवी अधिनियम से संबंधित मामलों में 1.73 लाख रुपये का जुर्माना
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पीठ द्वारा मोटर वाहन अधिनियम अंतर्गत 4,830 चालान एवं फौजदारी मामलों का निस्तारण कर 1,73,300 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया। वहीं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने 8 उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करते हुए 30,51,828 रुपये मूल्य के मामले सुलझाए।
सिविल व फौजदारी वादों में भी हुआ त्वरित निस्तारण
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 322 वादों में 3,150 रुपये, अपर सिविल जज (सीडी) द्वारा 328 वादों में 3,260 रुपये तथा सिविल जज (सीडी) त्वरित की पीठ द्वारा 293 मामलों में 2,890 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अन्य सिविल जज (जूडी) की अदालतों में 150 से 251 वादों का निस्तारण किया गया।
उपभोक्ता आयोग ने दिलाई 6.93 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दो मामलों में निर्णय सुनाते हुए कुल 6,93,743 रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान कराई।








