क्या भारत का पर्यटन बहिष्कार इन देशों की अर्थव्यवस्था को झटका देगा?

  • तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा पर क्यों लगाई गई रोक?
  • ट्रैवल इंडस्ट्री ने विदेशी नीति के साथ कैसे दिखाया तालमेल
  • यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कंपनियां क्यों हो गईं सतर्क

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र देश की प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों ने अपने ग्राहकों को तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। यह कदम उन दोनों देशों के पाकिस्तान के प्रति खुले समर्थन के बाद उठाया गया है।

ईजमाईट्रिप ने जारी की एडवाइजरी, यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी ईजमाईट्रिप ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा को अत्यधिक आवश्यक होने पर ही करने की सलाह दी है। कंपनी के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट निशांत पिट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हालिया घटनाक्रम से मैं चिंतित हूं। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अपने ग्राहकों से आग्रह करते हैं कि वे संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा से पहले आधिकारिक ट्रैवल एडवाइजरी की जानकारी लें।”

दुश्मनों को मजबूत नहीं करेंगे” – निशांत पिट्टी

निशांत पिट्टी ने आगे कहा कि पिछले वर्ष 2.87 लाख भारतीयों ने तुर्किये और 2.43 लाख ने अजरबैजान की यात्रा की थी। इन देशों की अर्थव्यवस्था में टूरिज्म का बड़ा योगदान है — तुर्किये की GDP में 12% और अजरबैजान की GDP में 7.6% हिस्सा पर्यटन का है। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या हमें ऐसे देशों की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना चाहिए जो हमारे खिलाफ खड़े हैं?”

कॉक्स एंड किंग्स ने तीन देशों की बुकिंग पर लगाई रोक

कॉक्स एंड किंग्स ने अजरबैजान, तुर्किये और उज्बेकिस्तान के लिए नई ट्रैवल बुकिंग को फिलहाल बंद कर दिया है। कंपनी के डायरेक्टर करण अग्रवाल ने कहा, “यह निर्णय देशहित और सिद्धांतों की रक्षा के लिए लिया गया है। जब तक जियोपॉलिटिकल स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, यात्रियों को संयम बरतना चाहिए।”

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