- महंगाई में कमी: क्या इसका असर आपके बजट पर होगा?
- कम होते दाम, क्या महंगाई की रफ्तार थमने वाली है?
- बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट, महंगाई में गिरावट के संकेत
मुंबई। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की एक रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल महीने में रिटेल महंगाई दर (CPI) 3% से नीचे रह सकती है। आधिकारिक आंकड़े 13 मई (मंगलवार) को जारी होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के हफ्तों में खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों और दालों के दामों में गिरावट से महंगाई पर दबाव कम हुआ है।
खाद्य पदार्थों के दामों में उतार-चढ़ाव
- सब्जियों की कीमतें 34% तक घटी हैं।
- दालों के भाव 15% तक कम हुए हैं।
- हालांकि, खाद्य तेलों की कीमतों में 30% की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सनफ्लावर ऑयल का महंगाई इंडेक्स पर असर कम होगा क्योंकि इसका वेटेज 1% से भी कम है।
RBI की ब्याज दरों में कटौती की संभावना
महंगाई दर में गिरावट से RBI के लिए नीतिगत दरें (रेपो रेट) कम करने की गुंजाइश बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, जून की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में RBI 0.25% या उससे अधिक की कटौती कर सकता है, जिससे लोन और सस्ते हो सकते हैं।
शाकाहारी थाली 4% सस्ती हुई
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की ‘रोटी-राइस रिपोर्ट’ के मुताबिक, अप्रैल में शाकाहारी थाली की कीमत 4% घटकर 26.3 रुपए रह गई। सब्जियों के दामों में गिरावट इसकी मुख्य वजह है।
मार्च में महंगाई 6 साल के निचले स्तर पर
मार्च 2024 में रिटेल महंगाई दर घटकर 3.34% रही, जो अगस्त 2019 (3.28%) के बाद सबसे कम है। फरवरी में यह दर 3.61% थी।
महंगाई कैसे घटती-बढ़ती है?
- महंगाई मुख्य रूप से मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है।
- अधिक पैसा और कम सप्लाई होने पर कीमतें बढ़ती हैं।
- CPI (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) के आधार पर महंगाई मापी जाती है, जो 300 से अधिक उत्पादों की कीमतों को ट्रैक करता है।
निष्कर्ष: महंगाई में गिरावट से RBI को ब्याज दरें कम करने में मदद मिलेगी, जिससे उधार लेना सस्ता हो सकता है। हालांकि, खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।








