- तुर्की-अज़रबैजान के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश क्यों भड़का
- क्या भारत अब तुर्की और अज़रबैजान से व्यापार बंद करेगा
- विरोध मार्च में व्यापारियों ने किन बातों पर जताई नाराजगी
लखनऊ। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की और अज़रबैजान के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां लिए व्यापारियों ने ‘तुर्की-अज़रबैजान मुर्दाबाद’ और ‘चीन का बहिष्कार करो’ जैसे नारे लगाए।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने इस मौके पर कहा, “भारत ने तुर्की से मित्रता की लेकिन उसने धोखा दिया। दुश्मन का दोस्त हमारा दोस्त नहीं हो सकता। अब भारत के व्यापारी ऐसे देशों से व्यापार नहीं करेंगे जो पाकिस्तान जैसे देश का समर्थन करते हैं।”
व्यापार बहिष्कार की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तुर्की, अज़रबैजान और चीन जैसे देशों से व्यापारिक संबंध खत्म करने का वक्त आ गया है। संदीप बंसल ने साफ शब्दों में कहा, “जो देश भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं या उन्हें समर्थन दे रहे हैं, उनके साथ व्यापार नहीं किया जाएगा। भारत के व्यापारी इन देशों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।”
भारत-तुर्की व्यापारिक संबंधों के आंकड़े
वर्तमान आर्थिक संबंधों की बात करें तो अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच भारत ने तुर्की को 5.2 अरब डॉलर का निर्यात किया। जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 6.65 अरब डॉलर था। इसी अवधि में भारत ने तुर्की से 2.84 अरब डॉलर का आयात किया, जो पिछले वर्ष 3.78 अरब डॉलर था।
भारत-अज़रबैजान के बीच व्यापार
अज़रबैजान को भारत से इसी अवधि में 86.07 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ, जबकि आयात मात्र 1.93 मिलियन डॉलर का रहा।








