
- यमुना नदी का जलस्तर खतरे के पार
- 6 गांव की फसलें डूबीं, हाई अलर्ट जारी
- 12 कॉलोनियों से 2 हजार लोग विस्थापित
मथुरा। यमुना नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ने से मथुरा-वृंदावन में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर डेंजर प्वॉइंट से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हालात बिगड़ने से 6 गांवों की फसलें डूब गई हैं और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गुरुवार को 3.26 लाख क्यूसिक और पानी आने की संभावना है।
12 कॉलोनियों में पानी, 2 हजार लोग हुए विस्थापित
बीते 24 घंटे में वृंदावन की 12 कॉलोनियों के 2 हजार से ज्यादा लोग रिश्तेदारों के घर शिफ्ट हो चुके हैं। वहीं 935 लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई परिवार घरों की दूसरी मंजिलों पर सामान पहुंचाकर वहीं डटे हुए हैं।
परिक्रमा मार्ग और मंदिरों तक पानी का खतरा
पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर 2.5 फीट तक पानी भर चुका है। एकादशी की परिक्रमा रद्द कर दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि अगर जलस्तर और बढ़ा तो राधा वल्लभ, कात्यायनी मंदिर और राधा रमण मंदिर की गलियों तक पानी पहुंच सकता है।
बिजली ठप, पानी-चारे की किल्लत
कालीदह, श्यामनगर, मोहिनीनगर, चीरघाट और अन्य कॉलोनियों में बिजली सप्लाई रोक दी गई है। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि बिजली कटने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। मुन्नीदेवी का कहना है कि पानी भरने तक बिजली बहाल नहीं होगी। वहीं, रामवीर ने बताया कि चारा और पीने के साफ पानी की भारी समस्या है।
मेला क्षेत्र डूबा, रास्ते बंद
पानीघाट से आगे बढ़ने पर कुंभ मेला क्षेत्र और देवरहा बाबा घाट पूरी तरह डूबे मिले। प्रशासन ने यहां जाने वाले रास्तों को बंद करा दिया है। सार्वजनिक शौचालयों तक में पानी भर चुका है। टूरिस्ट और श्रद्धालुओं से सुरक्षित रहने और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।








