
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखाया गया बाबा साहब का जीवन दर्शन
- ग्रामीणों को मच्छरदानियां, छात्रों को बैग और सामग्री वितरित
- अधिकारियों और कर्मचारियों ने दी श्रद्धांजलि
अम्बेडकरनगर के एनटीपीसी टांडा में बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण समिति (सेवा) की ओर से सरगम ऑडिटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा और गरिमा महिला मंडल की अध्यक्षा संघमित्रा परिदा सहित अन्य अतिथियों द्वारा चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बुद्ध वंदना, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों में आंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान में दिए गए अधिकारों को दर्शाया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में आंबेडकर को महान विद्वान और सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में याद किया। उन्होंने शिक्षा और समानता के उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।
प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।
सामाजिक गतिविधियों में भी सहभागिता
जयंती के अवसर पर सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत ग्रामीणों को 250 मच्छरदानियां वितरित की गईं। इसके साथ ही छात्रों को 125 स्कूल बैग और पठन सामग्री भी दी गई।
इस पहल को स्थानीय स्तर पर उपयोगी कदम माना गया।
कार्यक्रम के तहत ‘वॉक फॉर इक्वलिटी’ का आयोजन भी किया गया। इसमें एनटीपीसी और सीआईएसएफ के कर्मचारियों व उनके परिवारों ने भाग लिया।









