शिविर आवंटन विवाद अब बाराबंकी तक पहुंचा
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र मिश्र ने जल्द समाधान की जताई उम्मीद
साधु-संतों और शासन स्तर पर चल रहे प्रयास
बाराबंकी। प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुर्व्यवहार और शिविर आवंटन को लेकर चल रहा विवाद अब बाराबंकी तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त गिरीश चंद्र मिश्र ने इस मामले पर शासन का रुख स्पष्ट किया है।
शनिवार को बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए गिरीश चंद्र मिश्र ने कहा कि शंकराचार्य से जुड़ा यह विषय अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस गतिरोध का समाधान निकल आएगा। उन्होंने बताया कि पूज्य साधु-संतों द्वारा इस दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं और शासन स्तर पर भी पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
राज्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस विवाद का सम्मानजनक और सकारात्मक समाधान सामने आएगा। उन्होंने संत समाज और सरकार के बीच बेहतर संवाद और समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी इस विवाद पर बयान दे चुके हैं। उन्होंने शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम करते हुए उनसे संगम स्नान करने का आग्रह किया था और कहा था कि भारतीय संस्कृति में संतों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।








