आगरा। ताजमहल और पेठा के लिए मशहूर आगरा अब एक और खास स्वाद के लिए जाना जाने लगा है। बेलनगंज के गुदड़ी मंसूर खां तिराहे पर स्थित 40 साल पुरानी ‘श्री अग्रवाल ठंडाई और कुल्फी’ की दुकान आज शहरभर में अपनी खास पहचान बना चुकी है। तपती गर्मी में यहां पहुंचने वालों की लंबी कतारें इस बात की गवाही देती हैं कि यह सिर्फ दुकान नहीं, बल्कि स्वाद का एक ठिकाना बन चुका है।
पान की दुकान से शुरू हुई स्वाद की यह यात्रा
इस दुकान की शुरुआत शिवशंकर अग्रवाल ने एक पान की दुकान से की थी। उन्होंने एक दिन ठंडाई बनाने का विचार किया और 5 लीटर बनाकर बेचना शुरू किया। कुछ ही घंटों में ठंडाई खत्म हो गई। अगले दिन 10 लीटर बनी, फिर 20… और फिर यह सिलसिला चलता चला गया।
जब कुल्फी बनी पहचान
एक दिन शिवशंकर को साबुत आम के अंदर रबड़ी और मेवा भरकर कुल्फी बनाने का ख्याल आया। आम की गुठली निकालकर उसमें रबड़ी भरी गई और यह प्रयोग ग्राहकों को खूब भाया। आज उनकी दुकान पर आम की कुल्फी के साथ केसर-पिस्ता-बादाम जैसी वैरायटी भी लोगों की पसंद बन चुकी हैं।
सीएम योगी भी हुए फैन
शिवशंकर के भतीजे प्रबल बताते हैं कि वर्ष 2014-15 में गोरखपुर में उनकी मुलाकात योगी आदित्यनाथ से हुई थी। योगी ने कुल्फी बनने की प्रक्रिया को नजदीक से देखा और स्वाद लेकर उसकी तारीफ भी की। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी यहां की कुल्फी खा चुके हैं।
ठंडाई का भी नहीं कोई मुकाबला
गर्मी में कुल्फी के साथ-साथ यहां की ठंडाई भी ग्राहकों को खूब पसंद आती है। सफाई और शुद्धता को प्राथमिकता देने वाली यह दुकान हर दिन सैकड़ों ग्राहकों को आकर्षित करती है। ग्राहक बताते हैं कि यहां की ठंडाई जितनी स्वादिष्ट है, उतनी ही ताजगी से भरपूर भी होती है।
आगरा की जनता ही नहीं, पर्यटक भी आते हैं स्वाद चखने
शाम के वक्त दुकान पर भारी भीड़ उमड़ती है। आसपास ही नहीं, दूर-दूर से लोग सिर्फ ‘अग्रवाल ठंडाई और कुल्फी’ का स्वाद चखने पहुंचते हैं। यहां की कुल्फी और लस्सी का स्वाद एक बार जिसने ले लिया, वह दोबारा जरूर लौटता है।








