आगरा: खेरागढ़ क्षेत्र में FSDA ने 5300 लीटर मिलावटी दूध नष्ट किया। मामले में लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। FSDA ने जांच के लिए 10 सैंपल लैब भेजे हैं।
जानकारी के अनुसार, मुरैना से आए पवन शर्मा और प्रमोद खेरागढ़ में डूंगर वाला गांव के बजरंग डेयरी नामक चिलर प्लांट में नकली दूध बना रहे थे। यह प्लांट उन्होंने दो साल पहले नरेश सिकरवार से किराए पर लिया था। पहले इसे नरेश सिकरवार ही संचालित करते थे। आरोपियों का प्लांट पर हर महीने डेढ़ लाख रुपए किराया रहता था।
सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नकली दूध बनाने के लिए आरोपियों ने सार्बिटोल, पामोलिव और वनस्पति तेल का इस्तेमाल किया। एक लीटर दूध बनाने की लागत केवल 20 रुपए थी, जबकि इसे 50 रुपए प्रति लीटर में बेचा जा रहा था।
FSDA की टीम ने बताया कि इस प्लांट में प्रतिदिन 10 हजार लीटर नकली दूध तैयार किया जाता था और बड़े टैंकरों में दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। छापेमारी के दौरान 5000 लीटर टैंकरों में और 300 लीटर प्लांट में मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि प्लांट रात में ही संचालित होता था और इसमें लाखों रुपए की मशीनें लगी थीं।








