अंबेडकरनगर। जिले में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय राजमार्ग सं०-135ए (जौनपुर से अकबरपुर) के चार लेन चौड़ीकरण एवं बाईपास परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा ऐलान किया है। परियोजना से प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवज़ा देने के बाद अब कब्जा हटाने की अंतिम तिथि तय कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा सक्षम प्राधिकारी, एनएच–135ए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जिन भू-स्वामियों को प्रतिकर का भुगतान हो चुका है, उन्हें 10 दिवस के भीतर अधिग्रहीत भूमि से कब्जा स्वयं हटाना होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी और इस दौरान होने वाली किसी भी क्षति की जिम्मेदारी संबंधित भू-स्वामी की होगी।
26 गांवों की भूमि अधिग्रहित, 85.57% भू-स्वामी पा चुके मुआवज़ा
राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत घोषित इस अधिग्रहण में दो तहसीलों के कुल 26 ग्राम शामिल हैं। तहसील अकबरपुर के 15 ग्राम और तहसील जलालपुर के 11 ग्राम इस परियोजना से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
तहसील अकबरपुर के प्रभावित गांव:
अरियौना, सिझौलिया, गोविन्दपुर गनेशपुर, मिर्जापुर कोडरा, मिर्जापुर, कसेरूआ, सिझौली, लोरपुर ताजन, मुबारकपुर मरैला, चन्दनपुर, सिसानी अखईपुर, कजरी नन्दापुर, सैदपुर भितरी, इस्माइलपुर गंज, बेलउवा बरियारपुर।
तहसील जलालपुर के प्रभावित गांव:
पटोहा गानेपुर, खजुरी करौदी, हरिपालपुर, हाजीपुर, मालीपुर, ताहापुर, मंसूरपुर, टिकरी, रुकुनपुर, टिकमलपुर, बैरागल।
प्रशासन के अनुसार, तहसील जलालपुर में 89.67% और तहसील अकबरपुर में 83.99% भू-स्वामियों को मुआवज़ा दिया जा चुका है। कुल मिलाकर 85.57% भू-स्वामियों को प्रतिकर का भुगतान सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
भूमि का कब्जा परियोजना निकाय को सौंपा जा चुका
उल्लेखनीय है कि अधिग्रहित समस्त भूमि का कब्जा भूमि अधिग्रहण निकाय को विधिवत रूप से सौंपा जा चुका है। ऐसे में जिन भू-स्वामियों ने अभी तक अपनी परिसम्पत्तियों—जैसे मकान, दुकान, वृक्ष आदि—का कब्जा नहीं छोड़ा है, उन्हें 10 दिनों की मोहलत दी गई है।








