
- ग्राहकों को समय पर मुआवज़ा न देने पर उठाया गया सख्त कदम
- RBI की सख्ती, SBI को नियम तोड़ना पड़ा भारी
- ब्रिज लोन नियमों के उल्लंघन पर लगा जुर्माना
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹1.72 करोड़ का जुर्माना ठोका है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा बैंकिंग नियमों के पालन में की गई गंभीर चूक के चलते की गई है। रिजर्व बैंक के मुताबिक, बैंक ने अनअथॉराइज्ड डिजिटल ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को समय से मुआवज़ा नहीं दिया और करंट अकाउंट खोलने में भी नियमों की अनदेखी की।
क्या है मामला – 3 प्रमुख बिंदु:
- लोन नियमों का उल्लंघन:
RBI ने 31 मार्च 2023 को SBI की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। जांच में सामने आया कि बैंक ने सरकारी सब्सिडी/रिइंबर्समेंट पर आधारित ब्रिज लोन प्रदान किए, जो कि ‘लोन एंड एडवांसेज’ से संबंधित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। - ग्राहक सुरक्षा में चूक:
अनअथॉराइज्ड डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामलों में SBI ने 10 दिन की समयसीमा में पैसे वापस नहीं किए और 90 दिनों में भी उचित मुआवज़ा नहीं दिया, जो ग्राहक हितों की अनदेखी है। - करंट अकाउंट खोलने में गड़बड़ियां:
SBI ने कुछ मामलों में बिना आवश्यक पात्रता के करंट अकाउंट खोल दिए, जो बैंकिंग नियमों के विपरीत है।
RBI का जवाब असंतोषजनक पाया गया
RBI ने बताया कि SBI को इन उल्लंघनों के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन बैंक द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद यह जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत लगाया गया है।
SBI पहले भी रहा है कार्रवाई के घेरे में
यह पहली बार नहीं है जब SBI पर जुर्माना लगा है।
- 2022 में भी बैंक पर ₹1.3 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।
- 2020 में, SBI समेत 5 बैंकों पर करंट अकाउंट नियमों के उल्लंघन को लेकर ₹4.5 करोड़ का जुर्माना ठोका गया था।
तिमाही आय में वृद्धि, लेकिन मुनाफा घटा
हालांकि विवादों के बीच SBI ने अपनी जनवरी-मार्च तिमाही की रिपोर्ट में बताया कि उसे ₹18,643 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ है, लेकिन यह सालाना आधार पर 10% कम है।
- इस तिमाही में बैंक की कुल आय ₹1.44 लाख करोड़ रही, जो 12.04% की वृद्धि दर्शाती है।
- पिछले साल इसी तिमाही में आय ₹1.28 लाख करोड़ थी, जबकि पिछली तिमाही की तुलना में यह 11.99% ज्यादा है।








