- रक्षा उत्पादन का हब बनने की ओर लखनऊ
- पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच अहम कदम
- ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन
लखनऊ। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच, लखनऊ में 11 मई को ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण यूनिट का उद्घाटन होने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा वर्चुअल उद्घाटन किया जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौके पर मौजूद रहेंगे। यह यूनिट भारत के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है और इसे ₹300 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण में अहम कदम
लखनऊ में स्थापित यह यूनिट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का उत्पादन करेगी, जो भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह यूनिट भटगांव में स्थित है और इसे ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस के साझा उद्यम का परिणाम है, जिसमें भारतीय कंपनी DRDO और रूसी NPOM का सहयोग है। यह परियोजना पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश देने के लिए अहम मानी जा रही है।
नई तकनीक और रोजगार के अवसर
यह यूनिट न केवल रक्षा क्षेत्र में भारत की मजबूती को बढ़ाएगी, बल्कि लखनऊ को रक्षा उत्पादन के हब के रूप में विकसित करने का सपना भी पूरा करेगी। इस परियोजना के तहत लखनऊ में फाइटर जेट्स, सबमरीन, स्पेस क्राफ्ट, और एयरोइंजन के महत्वपूर्ण उपकरण बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, ब्रह्मोस यूनिट के आसपास करीब 3,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मिसाइल का सफल परीक्षण
ब्रह्मोस मिसाइल को पहले ही भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना द्वारा सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। 2022 में, भारतीय वायुसेना ने सुखोई Su-30 फाइटर एयरक्राफ्ट से ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया था, वहीं 2023 में भारतीय नौसेना ने इसे अरब सागर में अपने युद्धपोत से टेस्ट किया।








