क्यों अडाणी पावर को अगले कुछ वर्षों में और बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं?

  • अडाणी पावर ने उत्तरप्रदेश में ऊर्जा संकट को सुलझाने के लिए 1500 MW का ठेका किया।
  • अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल प्लांट से अडाणी पावर की बिजली आपूर्ति क्षमता में होगी भारी वृद्धि।
  • अडाणी पावर का नया प्रोजेक्ट: उत्तरप्रदेश में ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में एक कदम।

नई दिल्ली।  अडाणी पावर लिमिटेड को उत्तरप्रदेश में 1500 मेगावॉट (MW) बिजली आपूर्ति का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी राज्य में एक नया अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट स्थापित करेगी, जो 5.383 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली सप्लाई करेगा। इस पावर प्लांट का विकास ‘डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट’ (DBFOO) मॉडल के तहत किया जाएगा।

उत्तरप्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग

उत्तरप्रदेश में 2033-34 तक बिजली की मांग में 11,000 MW की वृद्धि का अनुमान है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अडाणी पावर को और ठेके दिए जा सकते हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट अडाणी पावर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कंपनी के लिए एक और बड़े अवसर का द्वार खोलता है।

पिछले साल मिला था 6,600 MW का ठेका

यह अडाणी पावर के लिए एक साल में दूसरा बड़ा ठेका है। पिछले साल सितंबर में कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 6,600 MW बिजली आपूर्ति का समझौता किया था, जो एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।

अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को भी मिला ₹2,800 करोड़ का ऑर्डर

इसके अलावा, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को 21 मार्च को गुजरात में ₹2,800 करोड़ का पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला था। इस प्रोजेक्ट के तहत गुजरात में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया मैन्युफैक्चरिंग के लिए ग्रीन इलेक्ट्रॉन की सप्लाई की जाएगी।

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