
- भारत-पाकिस्तान की सीजफायर सहमति: क्या है इसका असली कारण?
- ट्रंप के दावे पर भारत का स्पष्ट जवाब: सीजफायर के पीछे क्या है सच्चाई?
- पाकिस्तान की सीजफायर मांग: भारत ने क्यों किया खारिज ट्रंप का दावा?
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच शनिवार को सीजफायर पर सहमति बनी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावे को भारत ने खारिज कर दिया था। अब एएनआई ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस (जेडी वेंस नहीं) के साथ हुई बातचीत में भारत का स्टैंड स्पष्ट कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान ने भारत से फोन करके सीजफायर की गुजारिश की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ।
ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी मध्यस्थता से सीजफायर संभव हुआ, लेकिन भारत ने इससे इनकार किया।
NYT की रिपोर्ट के मुताबिक, PM मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति को साफ कहा कि भारत किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारत का स्पष्ट रुख
सूत्रों के अनुसार, भारत ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपनी स्थिति पर कोई समझौता नहीं किया और सीधे तौर पर पाकिस्तान से “टेरर फैक्टरी बंद करने” की मांग की।
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