
- LDA ने कंपनी को दी थीं फाइलें, 20,000 फाइलें गायब
- जानकीपुरम और गोमती नगर के निवासियों को हुआ नुकसान
- LDA के अधिकारियों ने मामले में खानापूर्ति की
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से करीब 21 हजार फाइलें गायब हो गई हैं, जब LDA ने एक कंपनी को फाइलों को डिजिटली सेव करने का काम सौंपा था। कंपनी ने डेटा सेव करने के बाद 20 हजार से ज्यादा फाइलें वापस नहीं की, और बाद में जब इनका मिलान किया गया, तो भारी गैप सामने आया।
पीड़ितों की समस्याएं
अतुल कुमार सिंह: जानकीपुरम निवासी अतुल कुमार सिंह ने 1993 में मकान बनवाया था और 2019 में उसे फ्री होल्ड करवाने के लिए आवेदन किया था। फाइल गायब होने के कारण उनका मामला लटका पड़ा है।
ओम प्रकाश यादव: गोमती नगर विस्तार निवासी ओम प्रकाश यादव ने 2015 में सड़क चौड़ीकरण के लिए 18 घर तुड़वाए थे। बाद में उन्हें नई जमीन दी गई, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है क्योंकि उनकी फाइल गायब है।
समाधान दिवस और शिकायतें
LDA में समाधान दिवस और अन्य दिनों में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां प्लॉट से जुड़ी फाइलें गायब होने की शिकायत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 21 हजार फाइलें गायब हैं, जिनमें कई गंभीर मामलों से जुड़ी फाइलें भी शामिल हैं।
स्कैनिंग के लिए भेजी गई फाइलें
LDA ने एक राइटर कंपनी को 1,45,449 फाइलें स्कैनिंग के लिए दी थीं, लेकिन कंपनी के रिकॉर्ड में केवल 1,25,000 फाइलें थीं। इनमें से 1,22,000 फाइलें स्कैन करके LDA को लौटा दी गईं, लेकिन करीब 20,499 फाइलें गायब हो गईं।
गोमती नगर में फर्जीवाड़ा
गोमतीनगर के अलग-अलग खंडों में LDA के अधिकारियों ने 22 प्लॉटों की फर्जी रजिस्ट्री कर दी थी, और जांच में पता चला कि इन प्लॉटों से जुड़ी 6 फाइलें गायब हैं।








