
- 57% कमी, 1.60 लाख यात्रियों का जम्मू जाना
- तनाव बढ़ने से पर्यटक यात्रा से कतराए
- लखनऊ-जम्मू ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटकर 300-400 तक
लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का सीधा असर लखनऊ से जम्मू जाने वाले पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है। जनवरी से 10 मई तक इस वर्ष केवल 1.60 लाख पर्यटक जम्मू पहुंचे, जबकि पिछले साल इस अवधि में यह संख्या 2.80 लाख थी, यानी पर्यटकों की संख्या में लगभग 57 प्रतिशत की गिरावट आई है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़ा तनाव
भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कार्रवाई किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद लखनऊ से जम्मू जाने वाले पर्यटक यात्रा से बचते दिख रहे हैं। इस वजह से कई पर्यटक अब उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं।
ट्रेन सेवाओं में भी आई कमी
लखनऊ से जम्मू के बीच चलने वाली प्रमुख ट्रेनों जैसे बेगमपुरा एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस, हिमगिरी, अमरनाथ एक्सप्रेस और श्रीमाता वैष्णो देवी एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां इन ट्रेनों में 1800 से 2000 यात्री सफर करते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 300-400 तक सीमित हो गई है। रेलवे आरक्षण केंद्र और आईआरसीटीसी के आंकड़े भी इस गिरावट को साफ दर्शाते हैं।
गर्मी की छुट्टियों में भी खाली सीटें
गर्मी की छुट्टियां आमतौर पर जम्मू-कश्मीर के पर्यटन का पीक सीजन होती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बदल चुकी है। जम्मू तवी समर स्पेशल, कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस और अमरनाथ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सीटें खाली रह गई हैं। रविवार को तत्काल कोटे में भी जम्मू जाने वाली ट्रेनों में 142 सीटें उपलब्ध थीं।








