भगवान राम को ‘पौराणिक’ कहने पर राहुल गांधी पर परिवाद

  • अधिवक्ता ने इसे हिंदू आस्था का अपमान बताया
  •  कोर्ट ने 19 मई को सुनवाई के लिए तय की तारीख
  •  वादी से बयान से जुड़े साक्ष्य मांगे गए

वाराणसी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में एक और परिवाद दर्ज किया गया है। अधिवक्ता हरीशंकर शंकर पाण्डेय ने कोर्ट में याचिका दायर कर राहुल गांधी पर भगवान राम के खिलाफ अमर्यादित बयान देने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने परिवाद पर सुनवाई के लिए 19 मई की तारीख तय की है।

क्या है मामला?
अधिवक्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताया और उस युग से जुड़ी बातों को काल्पनिक कहा। अधिवक्ता के अनुसार, राहुल गांधी का यह बयान हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कोर्ट से राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।

‘राम द्रोही’ कह कर उठाई कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता हरीशंकर पाण्डेय ने कोर्ट में कहा कि राहुल गांधी ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए उन्हें पौराणिक बताया, जो कि करोड़ों आस्थावानों की भावना का अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने पहले भी राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया है।

कोर्ट ने मांगे साक्ष्य, 19 मई को होगी सुनवाई
परिवाद दाखिल करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 19 मई की तारीख सुनवाई के लिए तय की है। कोर्ट ने वादी पक्ष से बयान से संबंधित साक्ष्य पेश करने को कहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?
ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने भारत के धार्मिक विचारकों – बुद्ध, नानक, गांधी, अंबेडकर – का हवाला देते हुए कहा था।

Related Posts

सिटी बस सेवा बंद होने से बेरोजगार कर्मचारी धरने पर

कानपुर। सिटी बस सेवा बंद होने के बाद बेरोजगार हुए ड्राइवर और कंडक्टरों ने शुक्रवार को परिवहन निगम के रीजनल मैनेजर (RM) कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने…

Continue reading
लखनऊ विश्वविद्यालय में UGC समर्थन मार्च पर हंगामा, 350 छात्रों का प्रदर्शन

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को UGC के समर्थन में विभिन्न छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने ‘समता संवर्धन मार्च’ निकालने की घोषणा की थी, लेकिन मार्च शुरू…

Continue reading