- लखनऊ और झांसी के वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर
- केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने फिटनेस जांच केंद्रों को मंजूरी दी
- वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया फिर से शुरू
लखनऊ। लखनऊ और झांसी के वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने लखनऊ और झांसी के इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन (आईएंडसी) सेंटर को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के बजाय पहले की तरह आईएंडसी के रूप में काम करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बुधवार से दोनों केंद्रों पर वाहनों की फिटनेस जांच फिर से शुरू हो गई है।
9 मई को भेजे गए पत्र में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने मंत्रालय से इन केंद्रों को एटीएस के बजाय आईएंडसी के रूप में कार्य करने की अपील की थी। मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब वाहन मालिकों को राहत मिल गई है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से फिटनेस से जुड़े काम ठप पड़े थे।
फिटनेस कार्य के बंद होने से लखनऊ में हजारों वाहन खड़े हो गए थे, जिनमें सबसे अधिक ट्रकों की संख्या थी। अब इन केंद्रों पर फिर से फिटनेस जांच शुरू हो जाने से वाहन मालिकों को राहत मिली है।
नए व्यापारिक सुधारों के लिए सरकार की पहल:
केंद्र सरकार ने छोटे और मझोले व्यवसायों को प्रोत्साहन देने के लिए कुछ अहम कदम उठाए हैं। नई नीति के तहत, व्यापारियों को सस्ती दरों पर कर्ज़ मुहैया कराए जाएंगे और टैक्स व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा। व्यापारियों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लांच किया गया है, जिससे वे अपनी गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे और अपने वित्तीय मामलों को आसानी से निपटा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य छोटे व्यवसायों को ज्यादा से ज्यादा समर्थन देना है, ताकि वे बड़े व्यापारियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।








