
गोरखपुर। गोरखपुर चिड़ियाघर के शेर ‘पटौदी’ की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 17 वर्षीय पटौदी हाल ही में बीमार पड़ा था और जांच में उसके लिवर व पैंक्रियास में गंभीर संक्रमण पाया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर चिड़ियाघर रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
गोरखपुर जू में लगातार हो रही वन्यजीवों की मौत और बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों को 20 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है। बुधवार को गोरखपुर जू से 13 सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) भेजे गए हैं।
गुजरात के जूनागढ़ से आया था ‘पटौदी’
पटौदी का जन्म गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग प्राणी उद्यान में हुआ था। उसे 26 सितंबर 2019 को इटावा लायन सफारी लाया गया और फरवरी 2021 में शेरनी ‘मरियम’ के साथ गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया था। उस समय उसकी उम्र करीब आठ साल थी। यहां उसे रोजाना लखनऊ से मंगवाया गया ताजा मांस खिलाया जाता था।
एक महीने में चार वन्यजीवों की मौत
गोरखपुर जू, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है, वहां बीते एक महीने में चार जानवरों की मौत हो चुकी है। इसमें एक बाघ, एक बाघिन ‘शक्ति’, एक तेंदुआ और एक भेड़िया शामिल हैं।
बाघिन की मौत के बाद जब जांच कराई गई तो NIHSAD की रिपोर्ट में H5 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हुई। इस वायरस के इंसानों तक फैलने की आशंका को देखते हुए जू को तत्काल बंद कर दिया गया और कर्मचारियों को जैव-सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
पहले दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया
जू प्रशासन द्वारा समय रहते सावधानी न बरतने का खामियाजा वन्यजीवों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाघिन की मौत से पहले जू परिसर में चार मृत कौवे मिले थे, जिन्हें सफाईकर्मियों ने बिना रिपोर्ट किए फेंक दिया था। इसी लापरवाही के चलते वायरस जू में फैला और वन्यजीव इसकी चपेट में आ गए।
एक्सपर्ट्स की राय: इंसानों के लिए अभी कम खतरा
वायरस विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बर्ड फ्लू के महामारी में बदलने की आशंका कम है। लेकिन अगर भविष्य में इन्फ्लुएंजा वायरस में म्यूटेशन हुआ और वह इंसान से इंसान में फैलने लगा तो बड़ा खतरा बन सकता है। फिलहाल पशुओं और पक्षियों के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन इंसानों के लिए ऐसी आवश्यकता अभी नहीं बताई गई है।
सप्लाई में लापरवाही पर उठे सवाल
जू में मांस, फल और सब्जी की सप्लाई का ठेका एसफोर इंफोकॉम के मालिक गोपाल राय को मिला है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश प्रताप के मुताबिक, ठेकेदार से सप्लाई देने वाली दुकानों की सूची मांगी गई थी, लेकिन अभी तक वह सूची नहीं दी गई है। सूची मिलने के बाद संबंधित दुकानों के मटन, चिकन और गोश्त की जांच और सैनिटाइजेशन कराया जाएगा।









