इंदिरा डैम में डूबे वकील अनुपम तिवारी का शव 35 घंटे बाद मिला

  • पुलिस को पहले मिली थी झगड़े के बाद कूदने की सूचना
  • परिजन बोले, अनुपम का पैर फिसला, हादसा था
  • SDRF और लोकल गोताखोरों ने 5 किमी तक चलाया सर्च ऑपरेशन

लखनऊ। लखनऊ के चिनहट इलाके में इंदिरा डैम में डूबे वकील अनुपम तिवारी का शव रविवार को सिठौली जेल के पास गोसाईंगंज में बरामद हुआ। शव डैम में डूबने के करीब 35 घंटे बाद SDRF की टीम को मिला। अनुपम को बचाने के लिए डैम में कूदे उनके भांजे शिवम उपाध्याय का शव पहले ही शनिवार दोपहर को घटनास्थल से 200 मीटर दूर मिल गया था।

गुस्से में डैम पहुंचे, लेकिन परिजन बोले – हादसा था

हासेमऊ निवासी 37 वर्षीय वकील अनुपम तिवारी शुक्रवार देर रात इंदिरा डैम पहुंचे थे। पड़ोसी अभिषेक सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि अनुपम का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था और वे नाराज़ होकर डैम की ओर चले गए थे। लेकिन वकील के परिजनों और साथी वकीलों ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हादसा बताया है। उनका कहना है कि अनुपम टहलते हुए डैम के पास पहुंचे थे और पैर फिसलने से पानी में गिर गए।

बचाने के चक्कर में गई एक और जान

अनुपम के साथ उनके रिश्तेदार शिवम उपाध्याय भी मौजूद थे। जब अनुपम डैम में गिरे तो शिवम उन्हें बचाने के लिए कूदे, लेकिन वे भी डूब गए। पुलिस और SDRF ने रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब 12 घंटे बाद शिवम का शव घटनास्थल से 200 मीटर दूर बरामद किया गया। अनुपम का शव अगले दिन 5 किलोमीटर दूर सिठौली के पास मिला।

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5 किलोमीटर इलाके में चलाया गया सर्च ऑपरेशन

एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया कि हादसे के बाद लोकल गोताखोरों और SDRF की मदद से 5 किलोमीटर क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। रविवार दोपहर अनुपम का शव बरामद कर लिया गया।

साथी वकील बोले – आत्महत्या नहीं थी, पैर फिसलने से हादसा हुआ

अनुपम के साथी वकील देव मणि मिश्रा ने बताया कि वह बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। रोज़ाना की तरह टहलते हुए डैम के किनारे पहुंचे थे। तभी उनके पैर फिसल गए और वे पानी में गिर पड़े। उनके साथ आया भांजा भी उन्हें बचाने के प्रयास में डूब गया। मोहल्ले के लोग भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि अनुपम किसी तनाव में नहीं थे।

पीछे छूट गया परिवार

अनुपम तिवारी अपने पीछे पत्नी सोनी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पांच साल की बेटी सानिया और 11 महीने का बेटा गंगाधर है। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि पति-पत्नी के बीच झगड़े जैसी कोई गंभीर बात नहीं थी। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था।

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