
- वोडाफोन आइडिया की AGR याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
- शेयर में 8% की गिरावट, अब 6.55 रुपये पर कारोबार
- कंपनी ने 45,457 करोड़ की ब्याज व पेनल्टी माफ करने की मांग की थी
नई दिल्ली। वोडाफोन आइडिया (VI) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) ड्यूज से जुड़ी कंपनी की क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका खारिज होते ही शेयर बाजार में इसका असर दिखा और कंपनी के शेयर में 8% की गिरावट आई। शेयर फिलहाल 6.55 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
VI ने कोर्ट से 45,457 करोड़ रुपये से अधिक की ब्याज और पेनल्टी को माफ करने की मांग की थी। कंपनी का तर्क था कि सरकार उसकी हिस्सेदार है और एक भागीदार के तौर पर उसे बचाने में मदद करनी चाहिए।
सरकार की हिस्सेदारी 49%, फिर भी नहीं मिली राहत
वोडाफोन आइडिया ने पहले ही सरकार से अपने 36,950 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम बकाए को इक्विटी में बदलने की मंजूरी ली थी, जिससे सरकार की हिस्सेदारी कंपनी में 22.6% से बढ़कर लगभग 49% हो गई थी। हालांकि, कंपनी का नियंत्रण अब भी प्रमोटरों के पास है।
आर्थिक हालत बदतर, कंपनी ने मांगी थी सरकारी मदद
22 मार्च को कंपनी ने सरकार से अतिरिक्त वित्तीय मदद मांगी थी। इसके लिए 11 मार्च को टेलीकॉम सचिव नीरज मित्तल को पत्र भी भेजा गया था। कंपनी का कहना है कि वह 13,089 करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान करने में भी असमर्थ है। इसीलिए उसने सरकार से बकाए को इक्विटी में बदलने की मांग की थी।
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लगातार गिर रहा है शेयर, एक साल में 50% की गिरावट
कंपनी के शेयर में बीते एक साल में करीब 50% की गिरावट आई है। वहीं एक महीने में यह 16% और छह महीने में 4.37% तक गिरा है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 78,220 करोड़ रुपये है।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी कर चुका है याचिका खारिज
जुलाई 2024 में VI ने AGR कैलकुलेशन में नॉन-कोर रेवेन्यू शामिल किए जाने को चुनौती दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2024 में खारिज कर दिया था। अब क्यूरेटिव याचिका भी अदालत से मंजूरी नहीं पा सकी।
तिमाही घाटा 6,609 करोड़, स्थिति में मामूली सुधार
FY25 की तीसरी तिमाही में कंपनी को 6,609 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 6,986 करोड़ रुपये के घाटे से मामूली कम है।








