
- लाभार्थियों की पहचान और निर्माण कार्य में लापरवाही
- परियोजना निदेशक ने विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी
- प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट अपडेट और पुनः सत्यापन का निर्देश
अम्बेडकरनगर। मुख्यमंत्री आवास योजना में अधिकारियों की रुचि की कमी और लक्ष्यों की धीमी प्रगति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परियोजना निदेशक अनिल सिंह द्वारा जनपद के आठ विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी पत्र जारी किया गया है। इनमें टांडा व भियांव के बीडीओ को विशेष रूप से चिन्हित कर कड़ा चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
कार्य में शिथिलता पर जताई गई नाराजगी
परियोजना निदेशक ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी योजना में लक्षित कार्यों की पूर्ति में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। विशेष रूप से मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति रिपोर्ट में टांडा और भींयाव ब्लाक की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। इस लापरवाही को सेवा अनुशासन के विरुद्ध मानते हुए दोनों बीडीओ को विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अकबरपुर को छोड़ा गया, बाकी सभी बीडीओ रडार पर
जिला स्तर पर की गई समीक्षा में अकबरपुर ब्लाक को छोड़कर शेष सभी सात विकास खंडों में योजनागत कार्यों में रुचि की कमी, लक्ष्य से पिछड़ना और लाभार्थियों की पहचान में ढिलाई पाई गई। इसी के आधार पर चेतावनी पत्र निर्गत किया गया है।
परियोजना निदेशक ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में कार्य प्रगति में सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। साथ ही शासन को रिपोर्ट प्रेषित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति भी की जाएगी।
पत्र में निर्देशित किया गया है कि सभी बीडीओ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित बैठक कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और लाभार्थियों के चयन, निर्माण कार्य और धनराशि वितरण के प्रत्येक बिंदु पर स्वयं निगरानी रखें।








