
अंबेडकरनगर। भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाया। जिला मुख्यालय स्थित ग्रैंड विनायक होटल में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने की। वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचार और अंत्योदय के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
अंत्योदय और सामाजिक समरसता पर जोर
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने का विचार दिया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन गरीब, दलित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का सिद्धांत आज भी नीति निर्धारण का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों ने तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जनहित आधारित व्यवस्था के पक्षधर थे।
राजनीति को नई दिशा देने का उल्लेख
जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया। उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय के दर्शन के माध्यम से संगठन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि 1937 से 1947 का कालखंड स्वतंत्रता आंदोलन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा और उसी दौर में वैचारिक आधार मजबूत हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके सिद्धांतों को संगठनात्मक कार्यशैली में उतारने का प्रयास कर रहे हैं।









