- टांडा के निधियावां में ज़मीन दिलाने के नाम पर ठगी का गंभीर मामला
- फर्जी खतौनी दिखाकर 10 लाख रुपये एडवांस में लिए गए
- विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी अदालत में वाद के बाद FIR दर्ज, जांच जारी
अम्बेडकरनगर। टांडा क्षेत्र के निधियावां गांव निवासी एक अनुसूचित जाति के मज़दूर से ज़मीन दिलाने के नाम पर ठगी और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अशोक कुमार की ओर से विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत में दाखिल वाद के बाद टांडा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
फर्जी खतौनी के ज़रिए झांसा देकर ली मोटी रकम
शिकायत के अनुसार परसाये डिवहारे इस्माइलपुर बेल्दहा निवासी हरेकृष्ण त्रिपाठी और श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने वर्ष 2024 में अशोक कुमार को राबी बहाउद्दीनपुर स्थित दो बिस्वा ज़मीन 20 लाख रुपये में देने का प्रस्ताव दिया। खुद को ज़मीन का स्वामी बताते हुए विपक्षियों ने कम्प्यूटर से तैयार की गई खतौनी की फर्जी नकल दिखाई और एक माह के भीतर बैनामा कराने का आश्वासन देते हुए 10 लाख रुपये एडवांस में ले लिए।
तहसील से कराया गया सत्यापन, ज़मीन निकली फर्जी
धनराशि देने के बाद अशोक कुमार ने तहसील कार्यालय में खतौनी की जांच कराई, तो मालूम हुआ कि दी गई खतौनी नकली है। ज़मीन पर हरेकृष्ण या श्रीकृष्ण त्रिपाठी का कोई अधिकार नहीं है और न ही उनका नाम कहीं दर्ज है।
विरोध करने पर पीटा गया, दी जान से मारने की धमकी
रकम की वापसी की मांग करने पर शुरुआत में टालमटोल की गई। 20 मार्च 2025 को अशोक कुमार जब विरोध जताने के लिए विपक्षियों के घर पहुंचा, तो उसे अपशब्द कहते हुए लात-घूंसों से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई।








