- मृत लेखाकार चारुल पांडेय का नाम ट्रांसफर लिस्ट में आया
- प्रयागराज से फतेहपुर ट्रांसफर का उल्लेख
- वायरल पत्र के बाद मामला उजागर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के एक सरकारी विभाग में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मृत लेखाकार का नाम तबादला सूची में शामिल कर दिया गया। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब ट्रांसफर से संबंधित एक विभागीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
चारुल पांडेय का नाम 155वें नंबर पर
15 जून को जारी आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय की तबादला सूची में चारुल पांडेय, लेखाकार का नाम 155वें क्रम पर दर्ज था। उन्हें प्रयागराज के असिस्टेंट कंट्रोलर (लीगल डिवीजन) पद से फतेहपुर के बेसिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरित किया गया था।
हालांकि, पत्र में ही इस बात का उल्लेख है कि चारुल पांडेय का पूर्व में ही स्वर्गवास हो चुका है। यह जानकारी उसी नोडल अधिकारी ने दी, जिसकी जिम्मेदारी मानव संपदा पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करने की थी।
निदेशक ने तुरंत रद्द किया आदेश
विवाद बढ़ने के बाद निदेशक साधना श्रीवास्तव ने नया आदेश जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि मानव संपदा पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की जिम्मेदारी मनोज कुमार की थी, जिन्होंने बताया कि लेखाकार चारुल पांडेय अब इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में उनका स्थानांतरण आदेश स्वतः निरस्त और शून्य माना जाए।
गलत एंट्री बनी वजह, सवालों के घेरे में व्यवस्था
यह मामला सामने आते ही विभागीय लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों की अद्यतन जानकारी समय पर दर्ज होती, तो इस तरह की गलती से बचा जा सकता था।








