झांसी। झांसी रेल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों में किन्नरों और भीख मांगने वालों की जबरन वसूली से यात्री परेशान हैं। ताजा मामला महाकौशल एक्सप्रेस का है, जहां सोमवार/मंगलवार की रात तीन किन्नरों के एक गिरोह ने यात्रियों से जबरन पैसे वसूले और न देने पर गालियां व धमकियां दीं। यात्रियों ने विरोध किया तो किन्नरों ने झगड़ा करने की कोशिश की। अब इस मामले में यात्रियों ने रेलवे से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जनरल कोच में चढ़ते ही शुरू कर दी वसूली
गाड़ी संख्या 12190 महाकौशल एक्सप्रेस सोमवार रात झांसी यार्ड से रवाना हुई, तभी जनरल कोच में तीन किन्नरों की टोली चढ़ गई। ट्रेन के आगे बढ़ते ही उन्होंने यात्रियों से पैसे मांगना शुरू किया। कई यात्रियों ने डरकर पैसे दे दिए, लेकिन जिन्होंने मना किया, उन्हें गालियां दी गईं और धमकाया गया।
यात्रियों को दी धमकी – “ज्यादा बोला तो घर नहीं पहुंचेगा”
यात्रा कर रहे साहिल गुप्ता नाम के यात्री ने इस घटना की शिकायत सोशल मीडिया पर रेलवे अधिकारियों को टैग करते हुए दर्ज कराई। उन्होंने लिखा कि ट्रेन में मौजूद किन्नरों ने न केवल गालियां दीं बल्कि ट्रेन से फेंकने तक की धमकी दी। साहिल ने यह भी कहा कि कोच में सवार महिलाओं और बच्चों के सामने अभद्रता की गई।
झांसी मंडल में बढ़े हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है। झांसी-कानपुर और झांसी-मानिकपुर रूट पर ऐसे जबरन वसूली के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग यात्री खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद किन्नर बेखौफ होकर कोचों में घूमते हैं और जबरदस्ती वसूली करते हैं।
RPF ने निवाड़ी स्टेशन पर की तलाशी, नहीं मिले आरोपी
घटना की शिकायत के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने निवाड़ी स्टेशन पर महाकौशल एक्सप्रेस में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जबरन वसूली करने वाले किन्नर फरार हो गए। स्टेशन पोस्ट प्रभारी विजेंदर सिंह ने कहा कि उगाही करने वाले गैंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और संबंधित ट्रेनों को चिन्हित कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
यात्रियों की मांग – कोचों में हो नियमित सुरक्षा
घटनाओं के बढ़ते मामलों को लेकर यात्रियों ने मांग की है कि जनरल कोच और अन्य बोगियों में RPF या जीआरपी की नियमित तैनाती की जाए ताकि कोई असामाजिक तत्व जबरन वसूली न कर सके। रेलवे से मांग है कि हर स्टेशन पर चेकिंग और कोचों में गश्त को अनिवार्य किया जाए।








