लखनऊ । बहुचर्चित तेल कारोबारी श्रवण साहू हत्याकांड में दोषी ठहराए गए बाबू खान को लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी है। बाबू खान समेत आठ लोगों को सीबीआई की विशेष अदालत ने 22 अगस्त 2024 को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने बाबू खान पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया था।
बाबू खान को मिली राहत, कोर्ट ने कहा- “सिर्फ सह-आरोपी से संबंध साजिश नहीं”
बाबू खान की ओर से वकालत कर रहे एडवोकेट जीशान अल्वी ने कोर्ट में दलील दी कि साजिश (धारा 120B) में बाबू खान की भूमिका स्पष्ट नहीं है और उसका कोई ठोस आपराधिक इतिहास भी नहीं है। ट्रायल के दौरान वह नियमित रूप से बेल की शर्तों का पालन करता रहा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उसे राहत दी।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सहअभियुक्त अजय पटेल को पहले ही 21 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल चुकी है। अदालत ने तब कहा था कि “सिर्फ किसी के करीबी होना, साजिश में शामिल होने का प्रमाण नहीं होता।”
जमानत की शर्तें:
-
₹1 लाख के निजी मुचलके पर दो जमानती पेश करने होंगे
-
₹1 लाख के जुर्माने में से आधी रकम एक महीने के भीतर जमा करनी होगी
-
अभियुक्त को अगली सुनवाई तक अदालत के आदेशों का पालन करना होगा








