बुद्धेश्वर मंदिर तालाब में जहरीले पदार्थ से मछलियों की मौत- लोगों में आक्रोश

  • लखनऊ के बुद्धेश्वर मंदिर तालाब में अज्ञात व्यक्ति ने डाला जहर
  • सैकड़ों मछलियों की मौत, मरी मछली खाने से एक कुत्ते की भी जान गई
  • नगर निगम को सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंची टीम, लोगों ने खुद निकाली मछलियां

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित बुद्धेश्वर मंदिर में रविवार देर रात एक शर्मनाक घटना सामने आई। मंदिर परिसर में स्थित तालाब में अज्ञात व्यक्ति द्वारा जहर डाल दिया गया, जिससे सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई। घटना की जानकारी सुबह होते ही सामने आई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह जब श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो तालाब में मछलियां तैरती नहीं, बल्कि मृत अवस्था में दिखीं। तालाब के किनारे पर कई क्विंटल मछलियां मरी हुई पाई गईं। उन्हें तालाब से बाहर निकाला गया। एक कुत्ता जिसने मरी हुई मछलियों को खा लिया, उसकी भी मौत हो गई।

नगर निगम की लापरवाही से नाराज लोग

स्थानीय लोगों ने तुरंत नगर निगम को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरी में लोगों ने खुद ही मछलियों को तालाब से निकालकर बाहर रखा और बाद में मिट्टी में दफनाया। लेकिन मछलियां सड़ने लगीं, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है।

फाउंडेशन अध्यक्ष ने बताया शर्मनाक कृत्य

मौके पर पहुंची फेयरी टेल्स फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा ने बताया कि घटना रात करीब 8 बजे की है, जब किसी ने तालाब में जहर डाला। उन्होंने कहा, “यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ किया गया शर्मनाक कार्य है। मछलियों को तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ दिया गया। यह मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि लोगों की आस्था का केंद्र भी है।”

नेहा ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि मंदिर परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना होना गंभीर चिंता का विषय है।

पुलिस जांच में जुटी, निगम नदारद

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस तालाब में जहर डालने वाले शख्स की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य संकट की चेतावनी

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मंदिर तालाब को जल्द से जल्द साफ कराया जाए और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो। वरना यह घटना एक बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।

Related Posts

अलमास टावर, लखनऊ में भव्य इफ्तार का आयोजन

रोज़ेदारों के साथ विभिन्न समुदायों की सहभागिता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश लखनऊ। पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर बर्लिंगटन चौराहे स्थित अलमास टावर में शनिवार को एक भव्य, सुव्यवस्थित…

Continue reading
हलवासिया ग्रुप की 4 संपत्तियां कुर्क

27.98 करोड़ वसूली मामले में बड़ा आदेश 27.98 करोड़ वसूली मामले में बड़ा आदेश लखनऊ। राजधानी की कॉमर्शियल कोर्ट ने 27.98 करोड़ रुपये की वसूली से जुड़े आर्बिट्रेशन मामले में…

Continue reading