- अजय राय पर मुकदमे की वापसी की मांग
- जिला कांग्रेस ने सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन
- कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया असंवैधानिक
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध दर्ज कराया। पार्टी नेताओं ने इसे असंवैधानिक और दमनात्मक कार्यवाही बताते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अकबरपुर को सौंपा।
पदयात्रा को लेकर दर्ज किया गया था मुकदमा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 10 जुलाई को वाराणसी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा “पोल खोल पदयात्रा” निकाली गई थी। इसका उद्देश्य जलभराव, जाम, रोपवे से प्रभावित दुकानदारों, सीवर की दुर्दशा और कांवर यात्रियों की समस्याओं को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करना था। आरोप है कि इस कार्यक्रम को लेकर सिगरा थाने में अजय राय सहित 10 कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
दमनात्मक कार्रवाई करार
कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि यह मुकदमा प्रदेश सरकार के इशारे पर दर्ज किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के रूप में देखा और कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी। पूर्व जिलाध्यक्ष राम कुमार पाल ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीकों से जनता की समस्याओं को उठाने पर मुकदमा दर्ज करना सत्ता की असहिष्णुता को दर्शाता है।
राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार राजकपूर पांडेय को ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्यपाल से मांग की गई कि सिगरा थाने में दर्ज मुकदमा तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और प्रदेश सरकार की दमनात्मक कार्यशैली पर संज्ञान लिया जाए।








