
बिजनौर। जिले के नहटौर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक 11 वर्षीय बच्ची का क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत में मिला। आरोप है कि बुधवार शाम को शौच के लिए घर से बाहर गई बच्ची को तेंदुआ (गुलदार) उठा ले गया। ग्रामीणों और परिजनों ने पूरी रात खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह जब शव मिला तो इलाके में मातम फैल गया और गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
खेत में शौच के लिए गई थी बच्ची, गुलदार ने किया हमला
बुधवार शाम करीब 7:30 बजे मंडोरी गांव निवासी मजदूर रवि कुमार की सबसे बड़ी बेटी कनिका (11) घर के सामने खेत में शौच के लिए गई थी। काफी देर तक वापस न आने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। करीब 50 मीटर की दूरी पर खून के धब्बे और गुलदार के पंजों के निशान मिले।
शव 500 मीटर दूर मिला, शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे परिजन और ग्रामीण जब खोजते हुए 500 मीटर दूर गन्ने के खेत पहुंचे तो बच्ची का क्षत-विक्षत शव देखकर सन्न रह गए। शरीर से धड़ और एक हाथ अलग था, पेट के मांस को नोच लिया गया था और कमर की चमड़ी उधेड़ी हुई थी। शव के आसपास 10 मीटर के दायरे में शरीर के अंग बिखरे पड़े थे।
परिजनों ने वन विभाग पर ठहराया दोष, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बच्ची का शव सड़क पर रखकर विरोध जताया और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से गुलदार क्षेत्र में सक्रिय है, इसके बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सूचना मिलते ही एसडीएम रितु रानी और सीओ अभय कुमार पांडे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
वन विभाग ने लगाए पिंजरे, लेकिन अब तक लापरवाह
ग्राम प्रधान महेश कुमार ने भी वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से तेंदुआ आसपास के इलाकों में घूम रहा है और कई बार लोगों पर हमला भी कर चुका है, लेकिन वन विभाग ने कोई एक्शन नहीं लिया। अब घटना के बाद पिंजरे लगाए जा रहे हैं।
21 दिन पहले भी गुलदार ने ली थी एक बच्चे की जान
यह पहली घटना नहीं है। महज 21 दिन पहले मंडावर थाना क्षेत्र में ढाई साल के मासूम को गुलदार ने शिकार बना लिया था। खेत में सब्जी तोड़ते समय पिता के सामने ही गुलदार बच्चे को उठा ले गया था। ग्रामीणों ने बच्चे को छुड़ा तो लिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
4 साल में 29 लोगों की जान ले चुका है तेंदुआ
स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में तेंदुए के हमले में अब तक 29 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, बीते 25 दिनों में ही दो बच्चों को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है








