
झांसी। प्यार के जुनून ने झांसी में हैवानियत की हद पार कर दी। पूर्व प्रधान संजय पटेल ने अपनी गर्लफ्रेंड रचना की हत्या कर लाश के सात टुकड़े कर डाले। वजह थी शादी और प्रॉपर्टी का विवाद। हत्या के बाद लाश को छुपाने के लिए तीन प्लान बने, लेकिन सभी फेल हुए। आखिरकार कुएं में फेंके गए धड़ के टुकड़े पुलिस को गुनहगारों तक ले गए।
9 अगस्त को मर्डर, 13 अगस्त को खुला राज
संजय ने बताया कि उसने रचना को 9 अगस्त को कार में बैठाकर घुमाने के बहाने बुलाया। कार में भतीजा संदीप और उसका दोस्त प्रदीप उर्फ दीपक अहिरवार भी था। शराब पीने के बाद रचना को रास्ते में मार डाला गया। पहले लहचूरा डैम में लाश फेंकने का प्लान था, फिर लखेरी नदी। लेकिन पुलिस से बचने के लिए लाश के टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंकने का तीसरा प्लान बनाया गया।
13 अगस्त को खेत के कुएं से बोरी में बंद धड़ के हिस्से मिले। पुलिस ने जांच शुरू की और 20 अगस्त को पहली गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में हिला देने वाली साजिश सामने आई।
क्यों मारा? हॉस्पिटल से कोर्ट में शादी कराने की जिद बनी वजह
पुलिस कस्टडी में संजय ने कहा- “मैं रचना से प्यार करता था, लेकिन शादी नहीं करना चाहता था। उसने कहा था- हॉस्पिटल से सीधे कोर्ट चलो। शादी किए बिना घर नहीं जाऊंगी। समझाने की कोशिश की, पर नहीं मानी। तब सोचा कि अब इसे रास्ते से हटाना ही होगा।”
संजय ने यह भी बताया कि रचना उसके घर और जिंदगी में हिस्सा चाहती थी। “मैं 20 लाख रुपए दे चुका था। वह और चाहती थी। कैसे देता? इसलिए प्लान बनाया।”
प्रदीप को 15 हजार में मिला काम: ‘लाश काट दो’
संजय जानता था कि वह लाश नहीं काट सकता। इसलिए भतीजे के दोस्त प्रदीप को शामिल किया। प्रदीप हाल ही में जेल से बाहर आया था। 15 हजार रुपए में उसने सौदा तय कर लिया। आधी रात को सभी लोग कार से खेत के कुएं पर पहुंचे। प्रदीप ने कुल्हाड़ी से रचना की बॉडी के सात टुकड़े कर दिए। धड़ के दो हिस्से और एक हाथ कुएं में फेंक दिए। बाकी हिस्से 7 किलोमीटर दूर लखेरी नदी में फेंके गए।
एनकाउंटर में पकड़ा गया प्रदीप, पैर में गोली लगी
वारदात का मास्टरमाइंड संजय, भतीजा संदीप और प्रदीप तीनों पुलिस गिरफ्त में हैं। प्रदीप को गुरुवार रात एनकाउंटर में पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस को उनके पास से हथियार और कारतूस भी मिले।
तीन प्लान, लेकिन सब फेल
पहला प्लान: हत्या कर लाश को लहचूरा डैम में फेंकना
दूसरा प्लान: लाश को लखेरी नदी में बहा देना
तीसरा प्लान: लाश को टुकड़े कर अलग-अलग जगह ठिकाने लगाना







