- लखनऊ में ऑक्सीटोसिन फैक्ट्री पर एसटीएफ का छापा
- 230 लीटर नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद
- गिरोह बिहार से मंगाता था हाई डेनसिटी इंजेक्शन
लखनऊ। पारा इलाके में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मौके से 230 लीटर नकली ऑक्सीटोसिन, 2 करोड़ रुपये की सामग्री और चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
छापेमारी में बरामद भारी मात्रा में ऑक्सीटोसिन
टीम ने छापेमारी के दौरान 5 लीटर के 43 गैलन और 50 लीटर के एक गैलन में कुल 230 लीटर नकली ऑक्सीटोसिन जब्त किया। इसकी बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक पिकअप, एक कार, 5 मोबाइल फोन और 16,500 रुपये नगद भी बरामद किए गए।
गिरोह बिहार से मंगाता था हाई डेनसिटी इंजेक्शन
एसटीएफ को कुछ दिनों से गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। जांच के बाद टीम ने स्थानीय पुलिस और नारकोटिक्स विभाग के साथ मिलकर पारा इलाके में छापा मारा। तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे बिहार से पार्सल के जरिए हाई डेनसिटी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन मंगाते थे। पैकेट पर मिनरल वाटर लिखा रहता था ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद इन्हें अलग-अलग साइज की शीशियों में भरकर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई किया जाता था।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों में ठाकुरगंज निवासी इरफान, महिमा खेड़ा रहीमाबाद निवासी दिलदार अली, लखीमपुर खीरी के शहनवाज और रायबरेली के मोहम्मद साहेब शामिल हैं।








