
अंबेडकरनगर। जिले की मिट्टी से एक और होनहार खिलाड़ी ने प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अकबरपुर के बभनगवां सिझौली गांव की 13 वर्षीय राधिका का चयन उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स हॉस्टल, डाभा सेमर अयोध्या में कुश्ती वर्ग के लिए हुआ है। यह उपलब्धि खास इसलिए भी है क्योंकि राधिका जिले की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें सरकारी स्पोर्ट्स हॉस्टल में प्रवेश मिला है।
आठ महीने की मेहनत लाई रंग
राधिका ने पिछले आठ महीनों से एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम, अंबेडकरनगर में नियमित अभ्यास किया। दिन में कई घंटे तक पसीना बहाकर वह तकनीक और ताकत में निरंतर निखरती रहीं। उनकी मेहनत ने अप्रैल में आयोजित 15 दिवसीय कुश्ती कैंप में शानदार प्रदर्शन के साथ सफलता का द्वार खोल दिया।
किसान की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान
राधिका के पिता घनश्याम एक साधारण किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी की डाइट और कुश्ती से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दी। मां पार्वती ने भी मानसिक संबल बनते हुए बेटी को हर कदम पर प्रेरित किया।
राधिका के बड़े भाई सूरज स्वयं भी कुश्ती के खिलाड़ी हैं और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। ऐसे में राधिका को घर से ही पहलवानी की प्रेरणा और माहौल मिला।
कोच की मेहनत भी रंग लाई
राधिका को प्रशिक्षण देने वाले एकलव्य स्टेडियम के कुश्ती कोच अभिषेक कुमार उपाध्याय ने बताया कि राधिका में तकनीक को समझने की गजब की क्षमता है।
“वह मेहनती और अनुशासित है। उसकी पकड़, मूवमेंट और संतुलन शानदार है। ऐसे खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचते हैं,” – कोच अभिषेक कुमार उपाध्याय








