
मेरठ। स्पेशल सीजेएम कोर्ट में करीब 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी के मामले में चीनी महिला एलिस ली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जांच में जुटी जीएसटी इन्वेस्टिगेशन टीम को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जो साबित करते हैं कि एलिस ली इस बड़े फ्रॉड की मास्टरमाइंड है।
कैसे हुआ खुलासा?
टीम के अनुसार, एलिस ली ने भारत सरकार को चूना लगाने के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया और भारतीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें इस घोटाले में फंसाया। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक लक्ष्य सिंह ने सोमवार को कोर्ट में इन सबूतों को पेश किया, जिसके आधार पर कोर्ट ने एलिस ली की न्यायिक हिरासत 12 सितंबर तक बढ़ा दी।
व्हाट्सएप चैट से खुला राज
जांच टीम को टेंटेक कंपनी से जुड़े तीन व्हाट्सएप ग्रुप्स की चैट मिली है, जिनके 500 से ज्यादा पन्नों का डेटा सबूत के रूप में जुटाया गया है। इन ग्रुप्स में एलिस ली भी सक्रिय रही। इन ग्रुप्स में नोएडा स्थित टेंटेक कंपनी के एमडी, डायरेक्टर, अकाउंटेंट और स्टाफ जुड़े थे। इसके अलावा चीन में मौजूद टेंटेक कंपनी के शेयर होल्डर और संचालक टेंक काई और हूली भी इसमें शामिल हैं, जिनके इशारों पर कंपनी भारत में ऑपरेट हो रही थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में इस फ्रॉड से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।







