
- आगरा में 7 साल पुराना हिरासत में मौत का मामला फिर चर्चा में
- CID जांच में 17 पुलिसकर्मी गैर इरादतन हत्या के दोषी
- बिना FIR के युवक को हिरासत में रखकर बेरहमी से पीटा गया
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में राजू गुप्ता नामक युवक की कथित पुलिस पिटाई से मौत हो गई थी। अब सीआईडी जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने घटना के समय थाने में मौजूद 17 पुलिसकर्मियों को आरोपी माना है, जिनमें एक इंस्पेक्टर, दो उपनिरीक्षक, और अन्य कांस्टेबल शामिल हैं।
राजू को एक जेवर चोरी के शक में बिना एफआईआर के थाने लाया गया था और मां के सामने बेरहमी से पीटा गया था। अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद थानेदार समेत सभी पुलिसकर्मी फरार हो गए थे।
सीआईडी की रिपोर्ट में पूछा गया कि बिना केस दर्ज किए युवक को क्यों हिरासत में लिया गया और पिटाई के समय बाकी पुलिसवाले मूकदर्शक क्यों बने रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी।
मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। अब अभियोजन की अनुमति के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। राजू की मौत के बाद उसकी मां, जो उसका एकमात्र सहारा थीं, गहरे सदमे में चली गईं और कुछ समय बाद उनका भी निधन हो गया।









