
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और नदियों के उफान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मथुरा, पीलीभीत, गाजियाबाद, नोएडा, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कहीं सड़कों पर नावें चल रही हैं तो कहीं लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
पीलीभीत: 25 गांव डूबे, हाईवे पर नावें
शारदा और देवहा नदी की बाढ़ से टनकपुर और बीसलपुर हाईवे डूब गए हैं। 25 गांव प्रभावित हैं। कई घर पहली मंजिल तक जलमग्न हैं। श्मशान घाट भी पानी में डूब चुका है।
मथुरा-वृंदावन: 6 गांव डूबे, परिक्रमा मार्ग पर रोक
यमुना नदी की बाढ़ से मथुरा के 6 गांव जलमग्न हो गए हैं। वृंदावन में परिक्रमा मार्ग तक पानी पहुंच गया है और यहां परिक्रमा रोक दी गई। करीब 2000 लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
बागपत: 250 घरों में जलभराव
बागपत में 3-4 फीट तक पानी भर गया है। लोग छतों पर शरण ले रहे हैं। एक वीडियो में पिता अपनी बच्ची को कंधे पर बिठाकर स्कूल ले जाते दिखे।
गाजियाबाद: 7 फीट तक पानी
लोनी तहसील के बदरपुर गांव में घरों में 7-8 फीट तक पानी भर गया है। 7 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। एनडीआरएफ राहत सामग्री पहुंचा रही है।
नोएडा: यमुना-हिंडन उफनाई, 2000 लोग शिविरों में
यमुना और हिंडन का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है। कई फॉर्महाउस और खेत डूब गए हैं। प्रशासन ने 8 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 2000 से ज्यादा लोगों को ठहराया गया है।
फतेहपुर और लखीमपुर: गंगा-शारदा का कहर
फतेहपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 4 सेंटीमीटर नीचे है। 12 गांव प्रभावित हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी उफान पर है और 12 गांवों के साथ शहर के मोहल्लों में भी पानी घुस गया है।
झांसी: तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव
झांसी में गुरुवार को तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इससे शहर की सड़कों पर पानी भर गया।
24 घंटे में 29% ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को 60 जिलों में औसतन 8.4 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 29% ज्यादा है। अगले 3 दिन तक कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है।








