- लखनऊ विश्वविद्यालय के 68वें दीक्षांत समारोह में 201 गोल्ड मेडल
- 80% मेडल छात्राओं को मिले, विदेशी छात्रों को भी सम्मान
- पूर्व DGP प्रशांत कुमार को मानद उपाधि
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के 68वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 201 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए। इनमें 80% मेडल छात्राओं के नाम रहे। अरिंदम चतुर्वेदी को चांसलर मेडल और अवंतिका राय को वीसी गोल्ड मेडल मिला।
समारोह में तीन महीने पहले रिटायर हुए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को मानद उपाधि दी गई। राज्यपाल ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र इतने मेधावी हैं कि मेडल बांटते-बांटते पसीना आ गया। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी तभी परीक्षा देने की अनुमति मिलेगी।
कुलपति मनुका खन्ना ने बताया कि 2025 में विदेश से एडमिशन के लिए 2,153 आवेदन आए हैं। इस बार तीन विदेशी छात्रों को भी मेडल मिला। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि आंगनबाड़ी और यूनिवर्सिटी दोनों गवर्नर के मार्गदर्शन में मजबूत हो रहे हैं।
शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि देश के टॉप 100 में उत्तर प्रदेश के तीन विश्वविद्यालय हैं और ग्रेडिंग पाने वाली यूनिवर्सिटीज में यूपी सबसे आगे है। मुख्य अतिथि वैज्ञानिक शेखर सी. मांडे ने छात्रों को सफलता के सात सूत्र दिए और ज्ञान के क्षेत्र में भारत की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल की दो बड़ी घोषणाएं
-
75% अटेंडेंस न होने पर परीक्षा देने की अनुमति नहीं।
-
बैक पेपर के चक्कर में मुख्य पेपर छोड़ने की प्रवृत्ति बंद करने की अपील।








