सहतुपारा गांव में स्वच्छता अभियान की पोल खुली

  • सचिव और प्रधान को तत्काल डस्टबिन उपलब्ध कराने और सफाई सुधारने के निर्देश
  • जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने और नियमित निरीक्षण का भरोसा
  • ग्रामीणों ने राहत की उम्मीद जताई; चाहते हैं कि सफाई नियमित रूप से हो

अम्बेडकरनगर। सरकार की ओर से गांव-गांव चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब रामनगर ब्लॉक के सहतुपारा गांव में परियोजना निदेशक अनिल सिंह ने औचक निरीक्षण किया। गांव में प्रवेश करते ही जगह-जगह गंदगी का अंबार और कचरे के ढेर देखकर अधिकारियों के तेवर सख्त हो गए।

डस्टबिन नदारद, सफाई व्यवस्था ध्वस्त

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गांव में डस्टबिन की कोई व्यवस्था नहीं है और नियमित सफाई का काम भी नहीं हो रहा। नालियां गंदगी से भरी पड़ी थीं और कचरा सड़कों के किनारे जमा था। ग्रामीणों ने भी अधिकारियों को बताया कि कई दिनों से सफाईकर्मी गांव में नहीं आए।

सचिव-प्रधान को मिला निर्देश

स्थिति पर नाराजगी जताते हुए परियोजना निदेशक ने सचिव और प्रधान को तत्काल डस्टबिन उपलब्ध कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि गांव में रहने वाले लोगों को स्वच्छ वातावरण देना जिम्मेदारों की पहली प्राथमिकता है।

जवाबदेही तय होगी

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सफाई अभियान की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करते हुए नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने जताई राहत की उम्मीद

गांव में निरीक्षण के बाद ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था सुधरेगी। लंबे समय से गंदगी और दुर्गंध से परेशान लोग चाहते हैं कि जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से निगरानी करें।

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