
- जामिया अरबिया इजहारुल उलूम में भव्य सम्मान समारोह आयोजित
- मोहम्मद असलम खान को शिक्षा और उर्दू भाषा में योगदान हेतु ‘मेमार-ए-मिल्लत अवार्ड’
- धर्मवीर सिंह बग्गा ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया
अम्बेडकरनगर (ब्यूरो)। जहांगीरगंज के नया बाजार स्थित जामिया अरबिया इजहारुल उलूम में मेमार-ए-मिल्लत इंतजामिया कमेटी के तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक नूरुज्जमा बरकाती ने की, जबकि संचालन समाजसेवी जाहिद सुहेल अंसारी ने किया।
इस अवसर पर मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज, हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान को शिक्षा व उर्दू भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘मेमार-ए-मिल्लत अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे धर्मवीर सिंह बग्गा ने शिक्षक असलम खान को अंगवस्त्र ओढ़ाकर व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में असलम खान की सेवा को मिली पहचान
मोहम्मद असलम खान को यह सम्मान उर्दू भाषा के संरक्षण, प्रसार और छात्रों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान को देखते हुए प्रदान किया गया। इससे पूर्व उन्हें ‘सितारे-उर्दू अवार्ड’ से भी नवाजा जा चुका है। उनकी शैक्षणिक सेवाओं को स्थानीय और जिला स्तर पर निरंतर सराहना मिलती रही है।
संस्था ने किया शिक्षकों के योगदान को सलाम
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षकों की भूमिका केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे समाज के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। मेमार-ए-मिल्लत इंतजामिया कमेटी द्वारा इस प्रकार के आयोजन कर उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है।








