
- लखनऊ कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह और षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज
- वकील नृपेंद्र पांडेय ने याचिका में आरोप लगाए कि राहुल का बयान राष्ट्रविरोधी है
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, प्रियंका वाड्रा समेत अन्य भी नामजद
लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट (अलोक वर्मा) ने मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा वकील नृपेंद्र पांडेय की याचिका पर दर्ज हुआ।
याचिका में लगाए गए आरोप
याचिका में दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने 15 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन के उद्घाटन के दौरान बयान दिया, “वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ।”
याचिका में आरोप है कि यह बयान राष्ट्रविरोधी है और भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश है।
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और प्रियंका वाड्रा को भी पार्टी बनाया गया। आरोप है कि उन्होंने मौन समर्थन देकर देश के खिलाफ षड्यंत्र में भाग लिया।
पुराने विवादित बयान और आरोप
नृपेंद्र पांडेय ने याचिका में राहुल गांधी के पिछले विवादित बयानों को भी शामिल किया है, जिनमें शामिल हैं:
“मोदी को लोग डंडों से पीटेंगे।”
“अभी तो एटम बम फोड़ा है, जल्द ही हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे।”
वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी: 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में राहुल ने वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था।
याचिका में आरोप है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग, न्यायपालिका और संसद पर अविश्वास फैलाकर देश में अस्थिरता और अशांति फैला रहे हैं।
कोर्ट सुनवाई की तारीख
वकील नृपेंद्र पांडेय के बयान 1 अक्टूबर को कोर्ट में दर्ज होंगे।
राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से 3 मामले चल रहे हैं:
सुल्तानपुर में मानहानि (2018)। अगली सुनवाई 28 अप्रैल।
वीर सावरकर बयान पर लखनऊ कोर्ट में मामला। राहुल को 200 रुपए जुर्माना और 14 अप्रैल को व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश।
हाथरस में एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि मामला। सुनवाई 24 अप्रैल।








