हाउस अरेस्ट पर फूटे सपा सांसद रामजीलाल सुमन के तेवर

  • एटा जाने से पहले सपा सांसद को आगरा में किया गया हाउस अरेस्ट
  • सपा सांसद बोले– “हर बार मुझे क्यों रोका जाता है?”
  • 3 महीनों में 4 बार नजरबंद किए गए

आगरा।  समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन को बुधवार को एटा में प्रस्तावित धरने में शामिल होने से पहले पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने उनके आगरा स्थित आवास को घेर लिया, जिसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।

पुलिस से बोले सांसद– “हाथ-पैर तोड़ दो, फिर नहीं जाऊंगा”

पुलिस कार्रवाई से नाराज सपा सांसद ने फोन पर पुलिस कमिश्नर और DIG से बात की। उन्होंने कहा,

“मेरे हाथ-पैर तुड़वाकर घर पर बैठा दो। हर बार मेरे साथ मजाक क्यों होता है? मेरी पार्टी ही बंद करवा दो।”

सुमन ने अलीगढ़ DIG पर आरोप लगाया कि उनके कहने पर एटा जाने से रोका गया है, जबकि मोहर्रम निकल चुका है और कांवड़ यात्रा शुरू होने में अभी समय है। उन्होंने सवाल उठाया,

“क्या मैं आतंकवादी हूं? क्या मैं नक्सलवादी हूं? ये मेरे मौलिक अधिकारों का हनन है।”

तीन महीने में चौथी बार रोके गए सपा सांसद

रामजीलाल सुमन को तीन महीनों में यह चौथी बार किसी कार्यक्रम में जाने से रोका गया है। इससे पहले:

  • 2 मई को अलीगढ़ में दलित परिवार से मिलने जाते समय

  • 9 मई को कासगंज में बघेल समाज के लोगों से मिलने जाते समय

  • 26 मई को मथुरा दौरे पर भी उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया था। उस दिन उन्होंने गुस्से में पुलिस नोटिस फाड़कर फेंक दिया था

“CM ऑफिस के इशारे पर हो रही कार्रवाई”

सुमन ने आरोप लगाया कि राज्य में अब सारी गतिविधियां मुख्यमंत्री कार्यालय के इशारे पर हो रही हैं। उन्होंने कहा,

“अगर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति टूटे, तो नई लगाकर मामला निपटा देते हैं। दोषियों के साथ मित्रवत व्यवहार किया जा रहा है।”

पहले भी हो चुका है हमला

  • 27 अप्रैल को सपा सांसद बुलंदशहर जाते समय अलीगढ़ के खेरेश्वर चौराहे पर हमले का शिकार हुए थे।

  • क्षत्रिय समाज के कुछ युवकों ने काफिले पर टायर फेंके और नारेबाजी की थी।

  • 500 मीटर दूर काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं

हाईकोर्ट पहुंचे थे सांसद

हमले के बाद सुमन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनके वकील इमरान उल्लाह ने कोर्ट में कहा कि सांसद पर हमले हो रहे हैं, हत्या की सुपारी दी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट ने यूपी और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। अगली सुनवाई 28 मई को तय हुई थी।

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