
- जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद ने तूल पकड़ा
- आला हजरत मस्जिद से शुरू हुआ तनाव नौमहला मस्जिद समेत कई इलाकों में फैला
- पुलिस पर पथराव, लाठीचार्ज व आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा
बरेली। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद ने तूल पकड़ लिया। दोपहर 2 बजे शुरू हुआ यह विवाद शाम 6 बजे तक चलता रहा। शहर के आला हजरत मस्जिद से शुरू हुआ तनाव नौमहला मस्जिद, शहर कोतवाली, नॉवेल्टी चौराहे, आजमनगर, जिला अस्पताल रोड, श्यामगंज मार्केट और बिहारीपुर तक फैल गया। हालात कर्फ्यू जैसे हो गए और पूरे बाजार बंद कराए गए।
नमाज के बाद भीड़ का जमावड़ा
DIG अजय कुमार साहनी के मुताबिक, 90 से 95 प्रतिशत लोग नमाज पढ़कर शांति से घर लौट गए। लेकिन, कुछ शरारती तत्वों ने पोस्टर लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान कई जगह फायरिंग और लाठीचार्ज की नौबत आई।
बाजारों में सन्नाटा और कड़ी सुरक्षा
रोडवेज बाजार, बड़ा बाजार, आलमगीरी गंज, किला बाजार, इंद्रा मार्केट, चौपला बाजार, शाहदाना, बांस मंडी, श्यामगंज और अन्य बाजार पूरी तरह बंद कर दिए गए। शहर में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई। ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी हो रही है। पुलिसकर्मियों समेत 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अलग-अलग इलाकों में पथराव
पहले आला हजरत मस्जिद के बाहर विवाद शुरू हुआ, फिर नौमहला मस्जिद, श्यामगंज मार्केट और नॉवेल्टी चौराहे तक भीड़ पहुंची। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। सड़कों पर ईंट-पत्थर और चप्पलें बिखरी पड़ी थीं।
तौकीर रजा के बयान पर बवाल
इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि धरना-प्रदर्शन हर हाल में होगा। सुबह जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा था कि अगर पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासन का मानना है कि बवाल पूर्वनियोजित था।
पुलिस की कार्रवाई जारी
DIG अजय कुमार साहनी ने कहा कि बाहरी लोगों की भी भूमिका सामने आ रही है। फोटो और वीडियो के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है। किसी के पास भी धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








