
एनटीपीसी टांडा परिसर में बुधवार सुबह स्वच्छ भारत मिशन को नई ऊर्जा देते हुए स्वच्छोत्सव कार्यक्रम के तहत प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। यह आयोजन सुबह 6:45 बजे सरयू गेस्ट हाउस से प्रारंभ होकर सरयू घाट तक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में निकली प्रभात फेरी
प्रभात फेरी का नेतृत्व कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने किया। उनके साथ महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) अजय सिंह यादव, महाप्रबंधक (ईंधन प्रबंधन) राम नारायण त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सतर्कता) एस. सी. सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। फेरी के दौरान “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत”, “एक कदम स्वच्छता की ओर” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
सरयू घाट पर हुई सामूहिक सफाई
प्रभात फेरी के उपरांत सभी प्रतिभागी सरयू घाट पहुंचे जहां सामूहिक सफाई अभियान चलाया गया। कर्मचारियों और अधिकारियों ने घाट पर फैली गंदगी को साफ कर एक स्वच्छ आदर्श प्रस्तुत किया। यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं रही, बल्कि स्वच्छता के प्रति व्यावहारिक समर्पण का जीवंत उदाहरण बनी।
“स्वच्छता को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा” – कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा
सफाई अभियान के बाद अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक जयदेव परिदा ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिवस की गतिविधि नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब तक हम स्वयं, अपने परिवार और कार्यस्थल को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक स्वच्छ भारत अभियान अधूरा रहेगा।”
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने आस-पास सफाई रखने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। परिदा ने जोर देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही स्वच्छता को जन आंदोलन में बदल सकते हैं और इससे ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।








