
- प्रदेश के सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस अलर्ट
- बरेली में पिछले बवाल के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई
- संभल में मस्जिद में नमाज के बाद दीवारें तोड़ी गईं
लखनऊ/बरेली। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांति और सुव्यवस्थित तरीके से अदा की गई। प्रदेश सरकार ने सुरक्षा को देखते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया था। बरेली में पिछले जुमे के बवाल के बाद संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया और सुरक्षा के लिए लगभग 10 हजार जवान तैनात किए गए।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
SSP और DM ने सड़कों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
इंटरनेट सेवा 2 अक्टूबर को अस्थायी रूप से बंद की गई।
ड्रोन और फ्लैग मार्च के माध्यम से निगरानी की गई।
काशी के कैंट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर ATS कमांडो ने मॉक ड्रिल की।
कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।
गोंडा में IG रेंज ने खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण किया।
संभल में मस्जिद विवाद
संभल के राया बुजुर्ग गांव में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद में लगभग 300 लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। प्रशासन द्वारा मस्जिद हटाने के लिए चार दिन का समय दिया गया था। नमाज के बाद लोगों ने स्वयं मस्जिद की दीवारें तोड़ना शुरू कर दीं।
बरेली बवाल का सन्दर्भ
बरेली में पिछले जुमे पर ‘आई लव मोहम्मद’ मामले को लेकर बवाल हुआ था। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने रैली बुलाई थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। कई जगह उपद्रव हुआ और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
बरेली में कुल 10 FIR दर्ज की गईं।
2500 उपद्रवियों में से 200 नामजद।
अब तक 81 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं।
पूरे प्रदेश में सतर्कता
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पुलिस अलर्ट पर रही। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 3 अक्टूबर को भारत बंद का आह्वान किया था, लेकिन त्योहारों को देखते हुए इसे वापस ले लिया गया।
प्रदेश सरकार ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।








