किछौछा नगर पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज

  • चेयरमैन ओमकार गुप्ता के अधिकार स्थगित
  • टेंडर और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच
  • सफाई कर्मियों और वेतन भुगतान में दोष

अंबेडकरनगर। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के चेयरमैन ओमकार गुप्ता के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार शासन द्वारा स्थगित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई शासन स्तर पर मार्च माह में भेजी गई जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। चेयरमैन को 15 दिन के भीतर जवाब देने का निर्देश जारी किया गया है।

टेंडर से लेकर सफाई तक अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त

पूरा मामला फरवरी 2025 से जुड़ा है, जब सभासद विनोद भारती ने चेयरमैन के विरुद्ध 22 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जांच समिति गठित कर प्रकरण की छानबीन कराई। जांच में सामने आया कि जेके इंफ्रा नामक संस्था को नियमों के विरुद्ध टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया।

संस्था को केवल नौ महीने के अनुभव के बावजूद अनुमति दी गई, जबकि न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य था। इतना ही नहीं, टेंडर शर्तों में जानबूझकर ढील दी गई। जांच में अनियमितताएं स्पष्ट होने पर उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।

सफाई कर्मियों को जबरन हटाने का आरोप

चेयरमैन द्वारा जनवरी 28 से 1 फरवरी 2025 तक नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों को काम से विरत करने का मामला भी सामने आया। इसके कारण नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। बाद में हालात सुधारने के लिए टांडा समेत अन्य नगर पंचायतों से सफाई कर्मियों को बुलाना पड़ा।

वहीं, आउटसोर्स कर्मियों को वेतन देने में देरी और अनावश्यक दबाव बनाने की भी पुष्टि जांच में हुई। होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान भी वेतन स्वीकृति में जानबूझकर विलंब किया गया।

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