अंबेडकरनगर। आशा संगिनी कर्मचारी संगठन ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रतिमा स्थल पर धरना प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार व प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। संगठन के सदस्यों ने पूरे संयम के साथ शांति एवं सभ्यता के माहौल में यह प्रदर्शन किया, जिसमें महिला आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
धरना प्रदर्शन के दौरान उठीं प्रमुख मांगें
आशा संगिनी कर्मचारी संगठन ने अपने प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से वेतन विसंगतियों, बोनस भुगतान में देरी, कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव जैसे मुद्दों को उजागर किया। संगठन ने कहा कि आशा संगिनियों की सेवाएं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन उनकी उपेक्षा और काम के बदले उचित मानदेय न मिलने से वे निराश हैं।
कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि उन्हें नियमित वेतनमान और अन्य लाभों में वृद्धि दी जाए ताकि वे अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकें। इसके अतिरिक्त, बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन एवं कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं की भी मांग की गई।
संगठन के नेतृत्व ने कही यह बात
धरना प्रदर्शन के दौरान संगठन के नेताओं ने कहा कि सरकार और प्रशासन से अपील है कि वे आशा संगिनी कर्मचारियों के आर्थिक एवं सामाजिक हितों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके बिना स्वास्थ्य मिशन अधूरा है।
प्रदर्शन में भाग लेने वाले सदस्यों ने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें मांगों को स्वीकृति और शीघ्र समाधान की मांग की गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों से बात कर उनकी समस्याएं समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि संगठन की मांगों पर विचार किया जाएगा और शीघ्र ही समाधान निकाले जाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।








