
- लखनऊ कांग्रेस मुख्यालय पुलिस छावनी में तब्दील
- अजय राय फतेहपुर रवाना होने से पहले रोके गए
- कार्यकर्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किया
लखनऊ। शनिवार को लखनऊ स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पुलिस छावनी में बदल गया। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय फतेहपुर रवाना होने वाले थे, जहां वह दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिजनों से मिलने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उनके काफिले को मुख्यालय से बाहर निकलने से पहले ही बड़ी-बड़ी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
रोके जाने से पहले अजय राय ने कहा, “चाहे पुलिस गोली चला दे, हम हरिओम के परिवार से मिलने जरूर जाएंगे।”
मुख्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
अजय राय जब बाहर निकलने लगे तो मुख्यालय के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए चारों ओर फोर्स और बैरिकेडिंग लगा दी। स्थिति को देखते हुए अजय राय सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
अजय राय बोले — ‘दलित विरोधी सरकार संविधान पर हमला कर रही’
राय ने कहा, “यह सरकार दलित विरोधी है। लगातार संविधान पर हमला हो रहा है, दलितों का उत्पीड़न बढ़ गया है। हमने कहा था कि हरिओम वाल्मीकि के घर जाएंगे, तो जरूर जाएंगे। उनके परिजनों से मिलकर आर्थिक मदद और न्याय दिलाने का भरोसा देंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने चारों तरफ पुलिस फोर्स लगा दी है। हमें गिरफ्तार करे या गोली चलवा दे, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”
हरिओम की मौत पर राहुल गांधी का बयान — ‘कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी है’
रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की भीड़ द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई थी। इस घटना पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मृतक के पिता और भाई से फोन पर बात की। राहुल ने कहा कि “दलित समाज पर अत्याचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस न्याय की इस लड़ाई में परिवार के साथ खड़ी है।”
‘हम बाबा वाले हैं’ कहकर पीटा था युवक को — अजय राय का आरोप
अजय राय ने कहा कि “हरिओम को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने राहुल गांधी का नाम लिया था। आरोपियों ने कहा था कि हम बाबा वाले हैं। यह सरकार जंगलराज चला रही है। मार भी रहे हैं और कह रहे हैं कि हम बाबा वाले हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी, दोनों पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।








