
- अकबरपुर चौपाल में रामचरित मानस जलाने वाले को “मसीहा” बताया
- धर्मगुरुओं और हिंदू परंपराओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां
- भाजपा और संघ नेताओं पर अप्रत्यक्ष निजी हमला
अम्बेडकरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और अकबरपुर से विधायक रामअचल राजभर एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। रामचरित मानस को लेकर दिए गए एक बयान में उन्होंने दक्षिण भारत में इसकी प्रतियां जलाने वाले व्यक्ति को “मसीहा” बता डाला। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
चौपाल में दिया गया विवादित बयान
रामअचल राजभर का यह बयान अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “पीडीए चौपाल” के दौरान सामने आया। चौपाल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति रामचरित मानस की प्रतियां जला रहा है, वह हमारा मसीहा है।” इस बयान के बाद वहां मौजूद सपा समर्थकों में भी कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
उन्होंने आगे कहा कि “जो धर्मगुरु किताबें लिखे हैं, पहले उन्हें पढ़ो, तभी कुंभ नहीं जाओगे, अयोध्या नहीं जाओगे।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर हिंदू धार्मिक स्थलों और परंपराओं पर टिप्पणी माना जा रहा है।
भाजपा और संघ नेताओं पर निशाना
विधायक यहीं नहीं रुके। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेताओं पर भी तीखे हमले किए। रामअचल राजभर ने कहा, “बीजेपी के जितने बड़े नेता हैं, उनके दामाद मुसलमान हैं… अगर भगाए तो जानू।”
उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी और मुरली मनोहर जोशी का भी नाम लेते हुए अप्रत्यक्ष रूप से निजी हमले किए। इस दौरान मंच पर मौजूद अन्य नेताओं ने इस टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया।









